सफाई कर्मियों के साथ साथ संविदा कर्मी भी हड़ताल पर व्यवस्थाएं प्रभावित!!
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेंड यूनियन के बैनर तले प्रदेश के समस्त सफाई कर्मी विगत पांच दिनों से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल पर बैठे हुए हैं उसी तारतम्य में छतरपुर जिले के समस्त सफाई कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष आदित्य बाल्मीकि के नेतृत्व में अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मेला ग्राउंड छतरपुर में धरने पर बैठे हुए हैं नगरीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा आज शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया लेकिन कर्मचारी अपनी नियमितीकरण की मांग पर अडे रहे हम आपको बता दें कि संविदा सफाई कर्मचारियों के साथ साथ नगर पालिका छतरपुर के लगभग 96 नियमित कर्मचारी भी काम बंद हड़ताल पर उनके समर्थन में उतर आएं हैं जिला प्रशासन द्वारा नियमित सफाई कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि वह शीघ्र ही काम पर वापस नहीं लौटते तो सख्त कार्यवाही की जाएगी फिलहाल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने लगी है जिससे शहर की सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर कचरे के बड़े बड़े ढेर लग गए हैं हालात यह है कि सूखे और गीले कचरे से बदबू आने लगी है बदबू से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है पूरे मामले में छतरपुर एसडीएम बलबीर रमण का कहना है कि सफाई कर्मियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल से बातचीत का दौर जारी है और शीघ्र ही समस्या का हल निकाला जाएगा वहीं दूसरी ओर संघ के जिलाध्यक्ष आदित्य बाल्मीकि का कहना है कि जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन द्वारा सफाई कर्मचारियों पर दबाव बनाकर काम करवाने की साज़िश रची जा रही है लेकिन हम सभी कर्मचारी एक जुट होकर धरने पर बैठे हुए और जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी इस दौरान कर्मचारियों ने शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया कुल मिलाकर मप्र में विधानसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में प्रदेश सरकार की मुसीबत लगातार बढ़ती जा रही है ऐसे में अब देखना होगा कि सफाई कर्मचारियों के मामले में शिवराज सरकार क्या फैसला लेती है यह बड़ा सवाल है।
