ग्वालियर में एक महिला इंजीनियर के साथ शादी के नाम पर गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता को शादी के 21 महीने बाद यह सच्चाई पता चली कि उसका पति न तो इनकम टैक्स ऑफिसर (ITO) है और न ही उसकी कोई कोलकाता में पोस्टिंग है, जैसा कि शादी से पहले बताया गया था।
पीड़िता के अनुसार, विवाह के समय ससुराल पक्ष ने पति को एक प्रतिष्ठित सरकारी अधिकारी बताते हुए उसकी पहचान और नौकरी से जुड़ी झूठी जानकारी दी थी। इसी भरोसे पर महिला इंजीनियर ने शादी के लिए सहमति दी। लेकिन शादी के बाद जब पति के व्यवहार और कार्यस्थल को लेकर लगातार विरोधाभासी बातें सामने आने लगीं, तब महिला को संदेह हुआ।
जांच-पड़ताल करने पर महिला को पता चला कि पति न तो इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत है और न ही कोलकाता में उसकी कोई सरकारी पोस्टिंग है। जब महिला ने इस धोखाधड़ी को लेकर ससुराल पक्ष से सवाल किए, तो आरोप है कि उसके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना शुरू कर दी गई।
