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ग्रामों में जल परीक्षण का दिया जा रहा प्रशिक्षण

ग्रामों में जल परीक्षण का दिया जा रहा प्रशिक्षण
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कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशन में ग्रामों में जल परीक्षण का दिया जा रहा प्रशिक्षण। जल जीवन मिशन के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड छतरपुर द्वारा स्टॉप डायरिया अभियान अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला ग्राम खोंप मे छात्र-छात्राओं को जल जीवन मिशन की जानकारी दी गई। जीवन में जल का महत्व जल प्रदूषण के कारण एवं निवारण के बारे मे विस्तार से बताया। पानी में रोगजनक जीवाणुओं का बरसात के मौसम मे जीवाणुओ का संदूषण हो सकता है। एफटीके के माध्यम से बच्चो, शिक्षको एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिका को जल परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया। वर्षाकाल में प्रदूषित जल से होने वाली बीमारियो जैसे डायरिया, टाइफाइड, कालरा, पीलिया, आदि के बारे मे सविस्तार बताया गया। जल उपचार करने हेतु लिक्विड क्लोरीन भी प्रदाय की गई। आंगनवाडी कार्यकर्ता को एफटीके किट स्थानीय स्तर पर जल परीक्षण हेतु रिफिल किट, जल सेम्पल लेने हेतु बॉटल भी प्रदान की गई। ग्राम की महिलाओं का रजिस्ट्रेशन भी किया गया। एक कुएं के पानी का सेम्पल जल परिक्षण प्रयोग शाला छतरपुर में भेजा गया। इस अवसर पर माध्यमिक शाला खोंप के शिक्षकगण, विद्यालय के छात्र-छात्राये, आंगनवाडी कार्यकर्ता, पीएचई से डीसी श्री ओ.पी. शुक्ला, बीसी अंकिता त्रिपाठी उपस्थित रहे।

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“शक्ति दीदी” के रूप में पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर का काम कर रहीं महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तो बनी ही हैं, उनका आत्म बल व आत्म सम्मान भी बढ़ गया है। यह कहना है काल्पीब्रिज के समीप स्थित गणेश पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं शक्ति दीदी श्रीमती लता राजौरिया का। लता जैसी जिले की 35 जरूरतमंद महिलायें शक्ति दीदी के रूप में ग्वालियर शहर, डबरा व भितरवार स्थित पेट्रोल पंपों पर सफलतापूर्वक फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप ग्वालियर जिले में जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “शक्ति दीदी” योजना शुरू की है। जिसके तहत ऐसी महिलाओं को शक्ति दीदी बनाकर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी दिलाई जा रही है जो जरूरतमंद हैं, अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। शक्ति दीदी के रूप में पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं महिलायें कहती हैं कि अब हमें छोटी-मोटी जरूरतों के लिये किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते। हमें सरकार की लाड़ली बहना योजना व नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम का लाभ भी मिल रहा है। इससे हमारे परिवार के दिन अब अच्छे से गुजर रहे हैं। महिलाओं को फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में काम करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का इनका ड्यूटी टाइम निर्धारित कराया गया है। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं उन पर पुलिस द्वारा लगातार गश्त किया जाता है। साथ ही एक वॉट्सएप ग्रुप भी तैयार कराया गया है, जिस पर शक्ति दीदियों के साथ-साथ संबंधित पुलिस थाना, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं पेट्रोल पंपों के संचालकों के नाम जुड़े हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी भी शक्ति दीदियों का हालचाल जानने नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर पहुँचते हैं। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं, वहाँ सकारात्मक माहौल बना है। पेट्रोल पंप संचालक कहते हैं कि छोटी-मोटी बातों को लेकर उपभोक्ताओं के साथ आए दिन होने वाला मुँहवाद अब नहीं होता। शक्ति दीदियों को मासिक मानदेय के रूप में 8 हजार रूपए मिलते हैं। साथ ही कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा तेल की बिक्री पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। इससे सभी शक्ति दीदी मन लगाकर काम करती हैं। लता व कुसुमा कहती हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने हम सब लोगों को आर्थिक व मानसिक रूप से सशक्त बना दिया है।

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