भोपाल, 8 सितम्बर 2025।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्त करने का उत्सव नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रदेश के विश्वविद्यालय भारतीय परंपरा के अनुरूप नवाचार कर रहे हैं। कृषि संकाय और फैशन डिजाइनिंग जैसे रोजगारपरक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 78 हजार विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं, साथ ही 21 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला।
राज्यपाल श्री पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को ग्लोबल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में स्थान बनाने और नैक से “ए” ग्रेड प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन न होकर समाज में ज्ञान प्रसार का माध्यम है।
तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में डिजिटल मूल्यांकन और ऑनलाइन कॉपी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री सहित कुलपति, प्राध्यापक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
