दीपावली के पावन अवसर पर ओरछा धाम में बुंदेलखंड की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा मोनिया नृत्य की धूम देखने को मिली। विभिन्न गांवों से आए ग्वाल-बाल ने भगवान रामराजा के दर्शन हेतु नंगे पैर पहुंचकर मौन व्रत एवं साधना के साथ नृत्य प्रस्तुत किया। कमर में बंधा नारियल और सुपारी ‘गठिया’ का प्रतीक है, जो संकल्प और भक्ति का संदेश देता है। यह नृत्य, भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर देता है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु एवं विदेशी दर्शकों ने भी मोनिया नृत्य में भाग लिया और इसे भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम संगम बताया।
