भोपाल में आयोजित ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर राष्ट्रीय सेमिनार में मोहन यादव ने पर्यावरण अनुकूल निर्माण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के जंगल और घटते प्राकृतिक संसाधन एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में प्रकृति के अनुकूल स्थापत्य और सस्टेनेबल विकास को अपनाना बेहद जरूरी है।
सीएम ने कहा कि भारत की परंपरा में जल संरक्षण और संतुलित नगर नियोजन का समृद्ध इतिहास रहा है, जिसका उदाहरण राजा भोज द्वारा विकसित भोपाल है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मांडव जैसे ऐतिहासिक स्थलों के जल प्रबंधन और नगर नियोजन की सराहना करते हुए वहां भी इस तरह के आयोजन करने की बात कही।
यह सेमिनार इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस और लोक निर्माण विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें ग्रीन बिल्डिंग और सस्टेनेबल भविष्य पर गहन चर्चा की गई।
