उज्जैन में ई-रिक्शा चालकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी का अनोखा मामला सामने आया है। आरोपी मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बनाकर वाहन बंद कर देता था। इसके बाद खुद को मैकेनिक बताकर 200 से 300 रुपये लेकर वाहन दोबारा चालू कर देता था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इसी तरह का मामला भोपाल में भी सामने आया है।
