राहुल गांधी के बयान पर सियासी घमासान: एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी नेताओं पर दर्ज कराई एफआईआर
राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के बाद भारत को लेकर दिए गए बयानों पर राजनीतिक भूचाल मच गया है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेता राहुल गांधी के खिलाफ बयानबाज़ी करते नज़र आ रहे हैं। इसी कड़ी में एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी के तीन प्रमुख नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का ऐलान किया है। पटवारी का आरोप है कि बीजेपी के नेता राहुल गांधी की छवि धूमिल करने के लिए भ्रामक और अपमानजनक बयान दे रहे हैं।
पटवारी ने कहा कि बीजेपी नेताओं रवनीत सिंह, यूपी के मंत्री रघुराज और महाराष्ट्र के संजय गायकवाड़ ने राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है, जिससे देश में राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये बयान केवल राहुल गांधी को निशाना बनाने के लिए दिए गए हैं, ताकि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
राहुल गांधी के बयान पर सियासी घमासान: एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी नेताओं पर दर्ज कराई एफआईआर
जीतू पटवारी ने टीटी नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनका कहना है कि बीजेपी के इन नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना ज़रूरी हो गया है, क्योंकि उन्होंने न केवल राहुल गांधी बल्कि कांग्रेस पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। पटवारी ने कहा कि यह एफआईआर केवल व्यक्तिगत सम्मान की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि राजनीति में नैतिकता की रक्षा के लिए की जा रही है।
राहुल गांधी के बयान पर सियासी घमासान: एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी नेताओं पर दर्ज कराई एफआईआर
राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए थे, जिसमें उन्होंने भारत में लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मसलों पर बात की थी। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के इन बयानों की आलोचना करते हुए उन्हें ‘भारत विरोधी’ बताया, जिससे विवाद बढ़ गया।
कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी इन बयानों को मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी ने अपने बयानों में केवल सच्चाई उजागर की थी, जो वर्तमान सरकार की असफलताओं को दिखाती है।
अब यह देखना होगा कि जीतू पटवारी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई होती है और किस प्रकार से यह राजनीतिक घमासान आगे बढ़ता है।
