अतिवृष्टि एवं बाढ़ से निपटने कलेक्टर ने कसी कमर, बांधों पर ड्यूटी, जर्जर भवनों पर सख्ती, हर स्तर पर अलर्ट जारी
छतरपुर। आगामी अतिवृष्टि एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में अधिकारियों की आपात बैठक ली। बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एसपी श्री अगम जैन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तपस्या परिहार, एडीएम श्री मिलिंद नागदेवे, एसडीएम व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उर्मिल, रनगुंआ एवं सिंहपुर डैम पर एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए जो हर घंटे डैम की स्थिति की जानकारी साझा करें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि डैम के गेट खोलने से पूर्व मुनादी कर स्थानीय लोगों को सतर्क करें ताकि किसी प्रकार की क्षति ना हो।
कलेक्टर ने नगरपालिका और राजस्व अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी और क्षेत्र निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां जलभराव की स्थिति हो, वहां बैरिकेडिंग कर कोटवार और पटवारी किसी को भी रास्ता पार न करने दें। यदि आदेशों का उल्लंघन हुआ तो संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
पंचायत स्तर पर की जा रही है विशेष तैयारी:
हर पंचायत में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर त्वरित सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था की जाएगी।
अस्थाई राहत शिविर, पेयजल व्यवस्था, और जल स्रोतों की टेस्टिंग कराई जाएगी।
पशुओं के इलाज हेतु शिविर आयोजित करने तथा फस्ट एड बॉक्स व दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जर्जर भवनों को लेकर सख्त निर्देश:
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं नगरपालिका को निर्देश दिए हैं कि एक भी जर्जर भवन खड़ा न रहे, तत्काल ध्वस्त किया जाए। यदि ऐसे भवन से कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो संबंधित अधिकारी होंगे जिम्मेदार।
कलेक्टर श्री जैसवाल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है, लेकिन सभी विभागीय अधिकारियों को सजग और सक्रिय रहना होगा, ताकि किसी भी आपदा से जन-धन की क्षति न हो।
