मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रदेश का प्रदर्शन अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक युवाओं को योजना का लाभ दिलाया जाए।
समत्व भवन में आयोजित तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ऐसे नए कोर्स डिजाइन करने पर जोर दिया, जो प्रशिक्षण के बाद युवाओं को तुरंत रोजगार दिला सकें।
बैठक में इंदर सिंह परमार और गौतम टेटवाल भी मौजूद रहे।
समीक्षा में बताया गया कि आईटीआई की राष्ट्रीय ग्रेडिंग में मध्यप्रदेश को 5वां स्थान मिला है, जबकि प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9+ स्कोर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के कार्यक्रमों से भी युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत प्रशिक्षण संख्या को दोगुना करने और कृषि वर्ष 2026 में युवाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
