छतरपुर। जिले में आपदाओं से निपटने और जनहानि को कम करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जैसवाल के निर्देशन में आपदा प्रबंधन क्षमतावर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में 13 अप्रैल 2026 को नगर परिषद ऑडिटोरियम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा ‘भूकंप पूर्व तैयारी एवं जोखिम प्रबंधन’ विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी कलेक्टर कौशल सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान विशेषज्ञों ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के जियोलॉजिकल प्रोफेसर डॉ. पी.के. जैन ने भूकंप की वैज्ञानिक स्थिति, संभावित जोखिम और बचाव उपायों पर प्रकाश डाला। वहीं एनडीआरएफ के निरीक्षक साहबजीत सिंह यादव और एसडीआरएफ के प्लाटून कमांडर विनीत तिवारी ने आपदा के दौरान त्वरित रिस्पॉन्स और राहत कार्यों के व्यावहारिक तरीके सिखाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा मित्रों, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, एनसीसी, एनएसएस और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों को कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू (CSSR) तथा मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर (MFR) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यशाला में मलबे में दबे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, कृत्रिम सांस देने की विधि (सीपीआर), प्राथमिक उपचार, फायर डिजास्टर मैनेजमेंट और इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। साथ ही सीमित संसाधनों में घायलों को अस्पताल पहुंचाने की तकनीक भी साझा की गई।
इस अवसर पर जिला सेनानी (होमगार्ड/एसडीआरएफ) भूपेंद्र सिंह ठाकुर, सेवानिवृत्त जिला सेनानी करण सिंह सहित विभागीय अधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।
