छतरपुर जिले के निवासी शिवराम प्रजापति ने गंभीर आरोप लगाया है कि वर्ष 2024-25 में पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके खाते में न डालकर किसी अनधिकृत व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। प्रार्थी ने कहा कि इस पूरी घटना में सरपंच, सचिव और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत रही।
शिवराम ने बताया कि उनसे 5000 रुपये रिश्वत मांगी गई थी, जो उन्होंने देने से मना कर दिया। इसके चलते उनकी राशि अपात्र व्यक्ति के खाते में चली गई। प्रार्थी ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उनका लाभ तुरंत उनके खाते में डाला जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।
मामले से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते योजनाओं का लाभ असली हितग्राहियों तक नहीं पहुँच पा रहा। प्रशासन पर जिम्मेदारी और जवाबदेही का सवाल उठ रहा है।
