छतरपुर, मध्यप्रदेश —
पुलिस का काम कानून की रक्षा करना है, लेकिन जब वही पुलिस कानून तोड़ने लगे और सरकारी कर्मचारियों को डराने-धमकाने लगे, तो यह सवाल उठाना जरूरी हो जाता है कि क्या वर्दी कानून से ऊपर है?
ताज़ा मामला महाराजा छत्रसाल रेलवे स्टेशन, छतरपुर का है, जहाँ सोमवार सुबह 11:55 बजे के आसपास महामना एक्सप्रेस से उतरकर पुलिसकर्मी अभी सिंह बुंदेला अपनी पत्नी के साथ बाहर निकल रहे थे। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी ने उनसे टिकट दिखाने का अनुरोध किया।

लेकिन जवाब में उन्हें मिला रुतबे का घमंड, गाली-गलौज और धमकी। पुलिसकर्मी ने न केवल टिकट दिखाने से इनकार किया, बल्कि टिकट मांगने वाले कर्मचारी को अपशब्द कहे और डराने की कोशिश की। यह सब घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि रेलवे कर्मचारी अपना कर्तव्य निभा रहा था, लेकिन पुलिसकर्मी उसे रोकने की कोशिश कर रहा था। सवाल ये उठता है कि अगर इस तरह के दबाव में कर्मचारी काम नहीं कर पाएंगे, तो कानून व्यवस्था का क्या होगा?
अब जिले की जनता की नजरें एसपी आगम जैन पर टिकी हैं। क्या वे अपने कर्मचारी के इस दुराचार और सत्ता के दुरुपयोग पर निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
