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मंदसौर के बाद अब नरसिंहपुर में 26 मई को होगा आगामी कृषि उद्योग समागम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रत्येक गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और महिलाओं के जीवन की बेहतरी के संकल्प के साथ अग्रसर है। राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगारपरक कार्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में प्रदेश में निवेश संभावनाओं पर आधारित इंटरैक्टिव सेशन में निवेशकों एवं उद्योगपतियों को प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही वह बेंगलुरु के होटल लीला पैलेस में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग भी करेंगे।

गौहरगंज में बनेंगे वन्देभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) परिसर का अवलोकन करने के बाद 2100वें मेट्रो कोच के लोकार्पण समारोह में सहभागिता भी करेंगे। बीईएमएल कंपनी राजधानी भोपाल के पास गौहरगंज में एक यूनिट स्थापित करने जा रही है। यहां वंदेभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच तैयार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरु में राज्य सरकार की ओर से कंपनी को नई मेट्रो कोच निर्माण यूनिट शुरू करने के लिए भूमि आवंटन पत्र भी दिया जाएगा। बीईएमएल के इस प्रयास से स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

उद्योगों की स्थापना के लिए भूखंड आवंटन कार्य प्रगति पर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संभागीय स्तर पर हुईं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के माध्यम से आए 50 प्रतिशत निवेशकों को औद्योगिक ईकाई स्थापित करने के लिए भूखंड का आवंटित किया जा चुका है। प्रदेश में अनेकों फैक्ट्रियों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। रोजगार के नये-नये द्वार खोलते हुए सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों के मान-सम्मान के लिए भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। हम सभी प्रदेशवासी भारतीय सेनाओं के शौर्य से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

26 मई को नरसिंहपुर में अगला कृषि उद्योग समागम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को गति प्रदान करने के लिए अलग-अलग शहरों में कृषि मेले आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी कृषि उद्योग समागम 26 मई को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आयोजित होगा। इससे पहले मंदसौर के सीतामऊ में कृषि उद्योग मेले का सफलतापूर्वक आयोजन हो चुका है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ अब व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है।

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“शक्ति दीदी” के रूप में पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर का काम कर रहीं महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तो बनी ही हैं, उनका आत्म बल व आत्म सम्मान भी बढ़ गया है। यह कहना है काल्पीब्रिज के समीप स्थित गणेश पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं शक्ति दीदी श्रीमती लता राजौरिया का। लता जैसी जिले की 35 जरूरतमंद महिलायें शक्ति दीदी के रूप में ग्वालियर शहर, डबरा व भितरवार स्थित पेट्रोल पंपों पर सफलतापूर्वक फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप ग्वालियर जिले में जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “शक्ति दीदी” योजना शुरू की है। जिसके तहत ऐसी महिलाओं को शक्ति दीदी बनाकर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी दिलाई जा रही है जो जरूरतमंद हैं, अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। शक्ति दीदी के रूप में पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं महिलायें कहती हैं कि अब हमें छोटी-मोटी जरूरतों के लिये किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते। हमें सरकार की लाड़ली बहना योजना व नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम का लाभ भी मिल रहा है। इससे हमारे परिवार के दिन अब अच्छे से गुजर रहे हैं। महिलाओं को फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में काम करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का इनका ड्यूटी टाइम निर्धारित कराया गया है। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं उन पर पुलिस द्वारा लगातार गश्त किया जाता है। साथ ही एक वॉट्सएप ग्रुप भी तैयार कराया गया है, जिस पर शक्ति दीदियों के साथ-साथ संबंधित पुलिस थाना, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं पेट्रोल पंपों के संचालकों के नाम जुड़े हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी भी शक्ति दीदियों का हालचाल जानने नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर पहुँचते हैं। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं, वहाँ सकारात्मक माहौल बना है। पेट्रोल पंप संचालक कहते हैं कि छोटी-मोटी बातों को लेकर उपभोक्ताओं के साथ आए दिन होने वाला मुँहवाद अब नहीं होता। शक्ति दीदियों को मासिक मानदेय के रूप में 8 हजार रूपए मिलते हैं। साथ ही कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा तेल की बिक्री पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। इससे सभी शक्ति दीदी मन लगाकर काम करती हैं। लता व कुसुमा कहती हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने हम सब लोगों को आर्थिक व मानसिक रूप से सशक्त बना दिया है।

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