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अच्छी किस्म के बीजों के उपयोग से किसानों को होगा मुनाफा ग्रीष्म काल में मूंग फसल से किसानों की आय बढ़ेगी —–

अच्छी किस्म के बीजों के उपयोग से किसानों को होगा मुनाफा
ग्रीष्म काल में मूंग फसल से किसानों की आय बढ़ेगी
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कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. की सतत् समीक्षा के परिणाम स्वरूप फसलों में नए किस्म के बीजों का प्रयोग किया जा रहा है और जिससे गीष्मकाल में भी कृषकों की आय बढ़ेगी। ग्रीष्म मौसम 2024 में छतरपुर जिले के किसानों को तीसरी फसल (जायद) एवं कृषकों की आय दोगुनी करने मूंग फसल के लिए अच्छी किस्म के बीजों का इस्तेमाल किया गया। कृषि अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार पटेल ने बताया कि इस वर्ष विशेष रूप से मूंग फसल को प्रोत्साहित करते हुए जिले में 543 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मूंग फसल की बौनी कराई गई है। किसानों द्वारा ज्यादा उत्पादन देने वाली मूंग फसल की किस्म आईपीएम 410-3 (शिखा) विशाल तथा के-851 किस्मे के प्रमाणित बीजों की बुवाई की गई है। जिससे प्रति हैक्टर 9 से 10 क्विंटल तक औसत उपज प्राप्त होने की संभावना है। ग्रीष्म काल में जिन किसानों के पास कुआँ अथवा नलकूप में पानी उपलब्धता की संभावना होने पर मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा समझाइश दी गई, जिससे प्रेरित होकर कृषक श्री जहान सिंह ग्राम चौका, श्री श्यामलिया अहिरवार कदारी, श्री नंदकिशोर लक्ष्मीप्रसाद पटेल बसारी, श्री रामअवतार कुशवाहा गुरैया सहित अनेकों किसानों ने ग्रीष्म कालीन मूंग की फसल बोई है। जो मात्र 65 से 75 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। जिन खेतों में गेहूं की बुवाई की गई थी उन्हीं खेतों में मूंग फसल लेने से उर्वरकों की आवश्यकता भी कम हो जाती है, साथ ही कीट बीमारी तथा नीदा का प्रकोप नहीं होने से उत्पादन भी अधिक प्राप्त होता है। जिले में पानी की कठिनाई होने के उपरान्त भी किसानों द्वारा फसल की सिंचाई नवीन पद्धति स्प्रिंकलर, रेन गन के माध्यम से की जा रही है। बाजार में मूंग फसल की कीमत अधिक होने से भी किसान ग्रीष्म कालीन फसलों के उत्पादन की ओर प्रेरित हो रहे हैं।

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