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सीमेंट, कंक्रीट और निर्माण सामग्री पर 18वां राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी 27-29 नवंबर 2024 को यशोभूमि, द्वारका में आयोजित की जाएगी

सीमेंट, कंक्रीट और निर्माण सामग्री पर 18वां राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी 27-29 नवंबर 2024 को यशोभूमि, द्वारका में आयोजित की जाएगी

श्री पीयूष गोयल सीमेंट और कंक्रीट क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद आजीवन उपलब्धि पुरस्कार प्रदान करेंगे

सीमेंट, कंक्रीट और निर्माण सामग्री पर 18वां राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी 27 से 29 नवंबर 2024 तक यशोभूमि, इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) द्वारका, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद (एनसीबी) द्वारा किया जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 27 नवंबर 2024 को एक विशेष सत्र के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री गोयल सीमेंट और कंक्रीट क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए एनसीबी लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी प्रदान करेंगे।

इस कार्यक्रम में विश्‍व भर के विशेषज्ञ और हितधारक, सीमेंट और निर्माण सामग्री क्षेत्र में नवाचारों और स्थिरता पर चर्चा करने के लिए एक साथ आएंगे। इस सत्र के दौरान, “सीमेंट उद्योग – भारत 2024” विषय पर संग्रह, वैकल्पिक ईंधन और कच्चे माल पर केंद्रित एक प्रकाशन और सीमेंट उद्योग के 200 साल पूरे होने का जश्न मनाने वाली एक लघु फिल्म शामिल है। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय, “नेट ज़ीरो फ्यूचर को मजबूत करना”, 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जो माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित एक दृष्टिकोण है।

इस सम्मेलन में एक व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसमें शिक्षा और उद्योग जगत के प्रतिष्ठित वक्ताओं द्वारा पैनल चर्चा और मुख्य भाषण के साथ-साथ 220 तकनीकी शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। एक समवर्ती तकनीकी प्रदर्शनी में 120 से अधिक अग्रणी वैश्विक और भारतीय निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं के नवीनतम नवाचारों, उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

यह कार्यक्रम प्रमुख उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, इंजीनियरों, शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों को एक साथ आने और सीमेंट और निर्माण सामग्री क्षेत्र में सतत विकास और नवाचार की दिशा में मार्ग तैयार करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है। स्वच्छ उत्पादन, कुशल संसाधन उपयोग और स्थिरता पर अपने फोकस के साथ, सम्मेलन का उद्देश्य उद्योग को हरित भविष्य की ओर ले जाना है।

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“शक्ति दीदी” के रूप में पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर का काम कर रहीं महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तो बनी ही हैं, उनका आत्म बल व आत्म सम्मान भी बढ़ गया है। यह कहना है काल्पीब्रिज के समीप स्थित गणेश पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं शक्ति दीदी श्रीमती लता राजौरिया का। लता जैसी जिले की 35 जरूरतमंद महिलायें शक्ति दीदी के रूप में ग्वालियर शहर, डबरा व भितरवार स्थित पेट्रोल पंपों पर सफलतापूर्वक फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप ग्वालियर जिले में जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “शक्ति दीदी” योजना शुरू की है। जिसके तहत ऐसी महिलाओं को शक्ति दीदी बनाकर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी दिलाई जा रही है जो जरूरतमंद हैं, अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। शक्ति दीदी के रूप में पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं महिलायें कहती हैं कि अब हमें छोटी-मोटी जरूरतों के लिये किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते। हमें सरकार की लाड़ली बहना योजना व नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम का लाभ भी मिल रहा है। इससे हमारे परिवार के दिन अब अच्छे से गुजर रहे हैं। महिलाओं को फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में काम करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का इनका ड्यूटी टाइम निर्धारित कराया गया है। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं उन पर पुलिस द्वारा लगातार गश्त किया जाता है। साथ ही एक वॉट्सएप ग्रुप भी तैयार कराया गया है, जिस पर शक्ति दीदियों के साथ-साथ संबंधित पुलिस थाना, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं पेट्रोल पंपों के संचालकों के नाम जुड़े हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी भी शक्ति दीदियों का हालचाल जानने नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर पहुँचते हैं। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं, वहाँ सकारात्मक माहौल बना है। पेट्रोल पंप संचालक कहते हैं कि छोटी-मोटी बातों को लेकर उपभोक्ताओं के साथ आए दिन होने वाला मुँहवाद अब नहीं होता। शक्ति दीदियों को मासिक मानदेय के रूप में 8 हजार रूपए मिलते हैं। साथ ही कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा तेल की बिक्री पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। इससे सभी शक्ति दीदी मन लगाकर काम करती हैं। लता व कुसुमा कहती हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने हम सब लोगों को आर्थिक व मानसिक रूप से सशक्त बना दिया है।

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