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कलेक्टर जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों का किया औचक निरीक्षण,रात्रि में एक ही प्रवेश और निकास द्वार रखने के निर्देश

कलेक्टर जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों का किया औचक निरीक्षण,रात्रि में एक ही प्रवेश और निकास द्वार रखने के निर्देश

लाइट्स को रीप्लेस करने और अस्पताल के बाहर लाइट्स बढ़ाने के निर्देश।

पार्किंग का ठेका रिटा. सैनिकों को देने के निर्देश।

अस्पताल के अंदर एवं परिषर सहित बाहर भी स्वच्छता व्यवस्था और सुदृढ़ बनाने के निर्देेश

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने मंगलवार की शाम जिला अस्पताल छतरपुर का इंफ्रास्ट्रक्चर सहित व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डो, परिषर एवं पार्किंग एरिया का निरीक्षण कर सिविल सर्जन और सीएमओ दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर श्री जी.आर. ने अस्पताल में लगे अवैध बैनर, पोस्टर, पेम्पलेट लगाने वालों पर संपत्ति विरूपण अधिनियम में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

मरीज के साथ एक ही अटेण्डर को गार्ड अंदर जाने दें।

कलेक्टर ने अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन सिस्टम लागू करने, पोशमशीन रखवाने के निर्देश दिए। साथ ही रात में अस्पताल में एक ही प्रवेश एवं निकास द्वार रखने के निर्देश दिए। और मरीज के साथ एक व्यक्ति को ही साथ जाने के निर्देश गार्ड को दिए। इस दौरान फायर सिस्टम को भी गार्ड द्वारा चालू करवाकर चेक किया गया। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों का डीबीआर पुलिस चौकी में लगवाने के निर्देश दिए। अस्पताल में पक्षी न बैठे उसके लिए नेट का इंतजाम, प्रतीक्षा कक्ष में 24 घण्टे टीवी चलाने, डिजीटल रिकॉर्ड, लाइट की प्रॉपर व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने प्रसूति वार्ड, ऑपरेशन थ्रियेटर, एनसीईयू वार्ड सहित सभी फ्लोर पर व्यवस्थाओं की जांच की और पीएनसी और एएनसी अलग अलग करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा डॉक्टर्स सहित समस्त स्टॉफ आपसी समन्वय में कार्य करें। उन्होने एक केफेट एरिया बनाने के निर्देश दिए ताकि डॉक्टर्स स्टॉफ एक साथ बैठ सकें। कलेक्टर ने निर्देशित करते हुए कहा कि पार्किंग का ठेका रिटायर्ड सैनिकों या फौजी को दिया जाए।

अस्पताल के बाहर न लगे हाथ ठेला, सीएमओ को दिए निर्देश।

होम गार्ड सैनिकों की सेवाएं लेने के निर्देश।

कलेक्टर श्री जी.आर. ने सीएमओ को छत्रसाल चौराहे से चौक बाजार तक पाथ वे बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर के बाहर सेनेटाइजर का छिड़काव और अस्पताल के बाहर लगे हाथ ठेले हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा अस्पताल में बड़े डस्टबिन रखवाए जाएं। इसके साथ ही अस्पताल के बाहर रोड पर स्ट्रीट लाइट न होने से अंधेरा था सीएमओ माधुरी शर्मा को तत्काल स्ट्रीट लाइट लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एसडीएम को निर्देशित किया कि विभिन्न प्वाइंट्स पर होमगार्ड सैनिकों को नियुक्त करें और नगर पालिका का एक कर्मचारी अस्पताल में उपस्थित रहे। जो स्वच्छता व्यवस्थाओं को देखे। इस दौरान ऊपरी तल पर निर्माधीन कार्य का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, ग्रामीण तहसीलदार, नपा सीएमओ, सिविल सर्जन, आरएमओ, कोतवाली टीआई सहित डॉक्टर्स उपस्थित रहे।

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“शक्ति दीदी” के रूप में पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर का काम कर रहीं महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तो बनी ही हैं, उनका आत्म बल व आत्म सम्मान भी बढ़ गया है। यह कहना है काल्पीब्रिज के समीप स्थित गणेश पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं शक्ति दीदी श्रीमती लता राजौरिया का। लता जैसी जिले की 35 जरूरतमंद महिलायें शक्ति दीदी के रूप में ग्वालियर शहर, डबरा व भितरवार स्थित पेट्रोल पंपों पर सफलतापूर्वक फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप ग्वालियर जिले में जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “शक्ति दीदी” योजना शुरू की है। जिसके तहत ऐसी महिलाओं को शक्ति दीदी बनाकर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी दिलाई जा रही है जो जरूरतमंद हैं, अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। शक्ति दीदी के रूप में पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं महिलायें कहती हैं कि अब हमें छोटी-मोटी जरूरतों के लिये किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते। हमें सरकार की लाड़ली बहना योजना व नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम का लाभ भी मिल रहा है। इससे हमारे परिवार के दिन अब अच्छे से गुजर रहे हैं। महिलाओं को फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में काम करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का इनका ड्यूटी टाइम निर्धारित कराया गया है। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं उन पर पुलिस द्वारा लगातार गश्त किया जाता है। साथ ही एक वॉट्सएप ग्रुप भी तैयार कराया गया है, जिस पर शक्ति दीदियों के साथ-साथ संबंधित पुलिस थाना, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं पेट्रोल पंपों के संचालकों के नाम जुड़े हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी भी शक्ति दीदियों का हालचाल जानने नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर पहुँचते हैं। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं, वहाँ सकारात्मक माहौल बना है। पेट्रोल पंप संचालक कहते हैं कि छोटी-मोटी बातों को लेकर उपभोक्ताओं के साथ आए दिन होने वाला मुँहवाद अब नहीं होता। शक्ति दीदियों को मासिक मानदेय के रूप में 8 हजार रूपए मिलते हैं। साथ ही कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा तेल की बिक्री पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। इससे सभी शक्ति दीदी मन लगाकर काम करती हैं। लता व कुसुमा कहती हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने हम सब लोगों को आर्थिक व मानसिक रूप से सशक्त बना दिया है।

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