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दूषित पानी से मौतों के बाद जल सुनवाई के आदेश, लेकिन सैंपलिंग में हो रहा है छल

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर में हर मंगलवार को जल सुनवाई आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के तहत राजधानी भोपाल के सभी 85 वार्डों में भी प्रतिदिन 2 घंटे जल सुनवाई की व्यवस्था की गई है।

हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। जल सुनवाई और पानी की गुणवत्ता जांच के नाम पर सैंपलिंग में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन इलाकों में दूषित पानी की शिकायत है, वहां से वास्तविक सैंपल नहीं लिए जा रहे, बल्कि सुरक्षित स्थानों से पानी के नमूने लेकर रिपोर्ट ठीक बताई जा रही है।

नागरिकों का आरोप है कि जल संकट और स्वास्थ्य से जुड़े इतने संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासनिक लापरवाही बरती जा रही है। यदि सैंपलिंग की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं हुई, तो जल सुनवाई महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

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