Breaking News

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर में बिहारी दिवस के उपलक्ष्य में वृहद बिहारी समाज स्नेह मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर में बिहारी दिवस के उपलक्ष्य में वृहद बिहारी समाज स्नेह मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बिहार और बिहार के निवासियों की योग्यता, बुद्धिमत्ता और श्रमशीलता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार और मध्यप्रदेश का प्राचीन काल से ही गहरा नाता रहा है। भारत देश के वैभवकाल में पाटलिपुत्र और अवंतिका सत्ता के दो केंद्र हुआ करते थे। सम्राट अशोक की राजधानी पाटलिपुत्र रही, लेकिन उनकी संतति ने मध्य प्रदेश से ही श्रीलंका में बौद्ध धर्म के प्रचार की नींव रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ गंगा के पावन जल में मध्यप्रदेश की नदियों का जल भी समाहित है। मध्यप्रदेश से निकलने वाली अनेक नदियाँ अंततः गंगा में जाकर समाहित होती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में बिहार ने विकास के नए आयाम गढ़े हैं और आने वाले दिनों में विकास का यह पहिया और भी तेज़ी से घूमेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में बिहारी समाज की माँग पर यहाँ छठ पूजन के लिए घाट विकसित करने और छठ मेला आयोजित किए जाने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में बिहार से आए सांसद श्री रविशंकर प्रसाद, विधायक सुश्री गायत्री देवी, प्रदेश के नगरीय एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, राज्यसभा सदस्य सुश्री कविता पाटीदार सहित विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विकास के कार्य लगातार किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 12, 13 और 14 अप्रैल को सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन दिल्ली में होने वाला है। आगामी 30 मार्च को गुढ़ी पड़वा है। ऐसे में गुढ़ी पड़वा के बाद नये वर्ष में विक्रम संवत् का प्रवर्तन करने वाले महानायक के जीवन के विविध गुणों से आज पूरा देश गौरवान्वित है। उन्होंने बताया कि महानायक विक्रमादित्य के विक्रम संवत के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

Related posts

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को सपत्नीक नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी प्रवास पर पहुंचे। पचमढ़ी से लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बारिआम गांव में सड़क किनारे टोकरी में रखकर आम बेच रहीं महिलाओं और बच्चों को देखकर अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री ने आम बेच रहीं सभी महिलाओं से आत्मीय संवाद किया। पूछा – रोज कितने के आम बेच लेती हो ? मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर आम विक्रेता श्रीमती बसंती टेकाम की खुशी का ठिकाना न रहा, उसने प्रफुल्लित होकर बताया कि सर, रोज सुबह से शाम यहां बैठते हैं, तो 400 से 500 रूपए के आम बिक ही जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समीप ही खड़ी श्रीमती बसंती की बेटी को देखकर पूछा – क्या ये बिटिया स्कूल जाती है ? महिला ने कहा कि हां सर, सीएम राइज स्कूल में पढ़ती है। मुख्यमंत्री ने हर्ष जताकर कहा कि अरे बिटिया, अब उसका नाम सांदीपनि विद्यालय हो गया है। मुख्यमंत्री ने यहां आम बेच रहीं सभी महिलाओं से आम खरीदे और खुद भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव ने महिलाओं से खरीदे हुए आम वहां एकत्रित सभी नन्हे-मुन्ने बच्चों में स्नेहपूर्वक वितरित कर दिए। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों से भी बाल सुलभ संवाद किया और पूछा क्या नाम है, स्कूल जाते हो ? तो बच्चों में से उमेश, साक्षी और रिया ने कहा जी सर। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी बच्चों को रोज स्कूल जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने की मनुहार की।

khabarsamayper

प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा वर्ष-2024  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

khabarsamayper

सीएम मोहन यादव ने सामूहिक विवाह में 551 जोड़ों को दी शुभकामनाएं, ‘सबका साथ, सबका विकास’ का संदेशc

khabarsamayper

Leave a Comment