छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए कई तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, जनपद सीईओ एवं पंचायत सचिवों पर आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अधिकारियों पर 500 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक की पेनाल्टी अधिरोपित की गई है।
