मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारना सहकारी संस्थाओं का मूल उद्देश्य है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषि एवं किसान वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। सीएम ने सहकारिता विभाग और कृषि विपणन सहकारी समितियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने एवं फसल चक्र के अनुरूप सभी सुविधाएँ सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए समितियों को मजबूत बनाएं।
सीएम ने प्राथमिकता के आधार पर सहकारी समितियों के कंप्यूटराइजेशन पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे किसानों को पारदर्शी और सरल सेवाएँ मिल सकेंगी। उन्होंने समिति पदाधिकारियों के लिए प्रतिवर्ष संपत्ति का वार्षिक विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए।
