डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फाल्गुन मास के रंगों, मांदल की थाप और जीवन-प्रेम की उमंग से सराबोर भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, सामाजिक स्नेह और परंपरागत जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस पर्व की वास्तविक अनुभूति इसे प्रत्यक्ष रूप से शामिल होकर ही महसूस की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उदयगढ़ में आयोजित भगोरिया पर्व स्थल पर पारंपरिक लोकधुनों, नृत्य और उल्लासपूर्ण माहौल ने पूरे क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। राज्य सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह आयोजन जनजातीय संस्कृति की सशक्त पहचान और सरकार की संवेदनशील सोच को भी दर्शाता है।
