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मुख्यमंत्री ने किया हारमनी हॉस्पिटल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिस गति से लोग मधुमेह की समस्या से ग्रस्त हो रहे हैं, उसे देखते हुए समाज में मधुमेह के प्रति जागरूकता फैलाने और उससे बचाव के उपाय जन-जन को बताया जाना आवश्यक है। बदलती जीवन शैली के कारण नि:संतानता की समस्या भी बढ़ रही है। परिवार और समाज के हित में इन दोनों विषयों पर ध्यान देना और जन सामान्य को स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा पुरम रोड स्थित “हर हेल्थ-हारमनी इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ हॉस्पिटल” के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित तथा पूजा अर्चना कर अस्पताल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. प्रिया भावे चित्तावर का सम्मान किया तथा डॉ. सचिन चित्तावर की पुस्तक “डायबिटीज को हराऐं- जीवन को जीतें” का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, जनप्रतिनिधि और चिकित्सक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी के जीवन में कुछ न कुछ परेशानी व संघर्ष अवश्य रहता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आरंभ हो रहा यह अस्पताल जन सामान्य की सेवा और समस्याओं के निराकरण में सहायक होगा। उन्होंने डॉ. प्रिया भावे चित्तावर की विशेषज्ञता और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा दिए जा रहे योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. सचिन चित्तावर द्वारा मधुमेह पर नियंत्रण के लिए बताए गए उपाय भारतीय जीवन शैली और मान्यताओं के अनुरूप हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल के उद्घाटन पर डॉक्टर दम्पत्ति, चिकित्सकों और अस्पताल स्टॉफ को शुभकामनाएं दीं।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को सपत्नीक नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी प्रवास पर पहुंचे। पचमढ़ी से लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बारिआम गांव में सड़क किनारे टोकरी में रखकर आम बेच रहीं महिलाओं और बच्चों को देखकर अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री ने आम बेच रहीं सभी महिलाओं से आत्मीय संवाद किया। पूछा – रोज कितने के आम बेच लेती हो ? मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर आम विक्रेता श्रीमती बसंती टेकाम की खुशी का ठिकाना न रहा, उसने प्रफुल्लित होकर बताया कि सर, रोज सुबह से शाम यहां बैठते हैं, तो 400 से 500 रूपए के आम बिक ही जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समीप ही खड़ी श्रीमती बसंती की बेटी को देखकर पूछा – क्या ये बिटिया स्कूल जाती है ? महिला ने कहा कि हां सर, सीएम राइज स्कूल में पढ़ती है। मुख्यमंत्री ने हर्ष जताकर कहा कि अरे बिटिया, अब उसका नाम सांदीपनि विद्यालय हो गया है। मुख्यमंत्री ने यहां आम बेच रहीं सभी महिलाओं से आम खरीदे और खुद भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव ने महिलाओं से खरीदे हुए आम वहां एकत्रित सभी नन्हे-मुन्ने बच्चों में स्नेहपूर्वक वितरित कर दिए। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों से भी बाल सुलभ संवाद किया और पूछा क्या नाम है, स्कूल जाते हो ? तो बच्चों में से उमेश, साक्षी और रिया ने कहा जी सर। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी बच्चों को रोज स्कूल जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने की मनुहार की।

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‘सोमनाथ भारत के स्वाभिमान का प्रतीक’ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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