मंगुभाई पटेल ने 1 मई को गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि यह दिन दोनों राज्यों की समृद्ध विकास यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और इसी विविधता में एकता देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है।
राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र की औद्योगिक क्षमता और वित्तीय नेतृत्व के साथ गुजरात की उद्यमशीलता, व्यापारिक दक्षता, समुद्री विकास और नवकरणीय ऊर्जा देश के विकास की मजबूत आधारशिला हैं।
यह संबोधन “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना के तहत आयोजित संयुक्त समारोह में दिया गया, जिसमें मोहन यादव भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन लोकभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया।
