छतरपुर जिले में जल संरक्षण और तालाबों के संवर्धन को लेकर चलाए जा रहे अभियानों पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई योजनाएं केवल कागजों और फोटो सेशन तक सीमित होकर रह गई हैं, जबकि जिले के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण तालाब अतिक्रमण, गंदगी और उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।
शहर की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तालाब आज अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि जिले के प्रमुख पांच तालाबों का वैज्ञानिक और व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए तो वे पर्यटन, मनोरंजन और पर्यावरण संरक्षण के बड़े केंद्र बन सकते हैं। विशेष रूप से किशोर सागर तालाब की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है, जहां सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन से तालाबों के संरक्षण, अतिक्रमण हटाने, नियमित सफाई और सौंदर्यीकरण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
