Breaking Newsअन्य

भागीरथपुरा में जहरीले पानी से मातम, 23 की मौत, सैकड़ों बीमार

भागीरथपुरा में फैला दूषित और जहरीला पानी केवल लोगों की सेहत ही नहीं, बल्कि पूरे परिवारों की खुशियां भी लील गया। इस जल त्रासदी ने अब तक 23 लोगों की जान ले ली है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। गांव की गलियों में आज सन्नाटा है। कहीं मासूम की किलकारी थम गई, तो कहीं घर का कमाने वाला पिता इस दुनिया से चला गया। कई परिवार ऐसे हैं जिन पर एक ही झटके में दो-दो या तीन-तीन सदस्यों की मौत का दुख टूट पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों से नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जैसे ही लोगों ने यह पानी पीया, उन्हें उल्टी-दस्त, बुखार और बेहोशी की शिकायत होने लगी। स्थिति बिगड़ते ही अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी, स्वास्थ्य विभाग ने इमरजेंसी घोषित कर इलाज शुरू किया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों से स्वच्छ पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है। अब सवाल यह उठ रहा है कि इस भीषण लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? क्या लोगों की जान इतनी सस्ती थी कि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया? भागीरथपुरा आज सिर्फ एक इलाका नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का कड़वा सच बन गया है

Related posts

महिलाओं ने अपनी लेखनी से समाज को दिशा दी – मंत्री सुश्री भूरिया

khabarsamayper

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 जून को प्रातः 8 बजे उज्जैन के रामघाट से जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा का शुभारंभ करेंगे

khabarsamayper

छतरपुर में 10 करोड़ की लागत से बनेगा स्टेडियम : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

khabarsamayper

Leave a Comment