उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब नाश्ते में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
शहर के कई होटलों और नाश्ते की दुकानों में जलेबी, फाफड़ा और पपड़ी जैसे पारंपरिक नाश्ते मिलना बंद हो गए हैं। इसके पीछे बढ़ती लागत और अन्य कारण बताए जा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर कचौरी, समोसे और चाय जैसे आम नाश्तों के दामों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे श्रद्धालुओं और आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है।
महाकाल दर्शन के लिए रोजाना बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को अब पहले जैसा गर्म और पारंपरिक नाश्ता नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी सुविधा और अनुभव पर भी असर पड़ रहा है।
यह बदलाव स्थानीय व्यापार और महंगाई के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है।
