मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए जेनेटिक काउंसलिंग और व्यापक जन-जागरूकता बेहद आवश्यक है।
खरगोन जिले के प्रवास के दौरान आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने समाज के हर वर्ग से इस अभियान से जुड़कर इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
राज्यपाल ने कहा कि विवाह से पहले जेनेटिक कार्ड का मिलान और गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच से आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2047 तक इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने राज्यपाल के प्रयासों की सराहना की, वहीं क्षेत्रीय विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने सिकल सेल को एक गंभीर अनुवांशिक रोग बताते हुए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
