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ग्वालियर की आदर्श नदी बनेगी बैशली मुरार नदी जीर्णोद्धार अभियान : पद्मश्री संत बाबा लक्खा सिंह और कलेक्टर श्रीमती चौहान ने पौधरोपण कर किया दूसरे चरण का शुभारंभ

मुरार नदी जो कि नाले में तब्दील हो गई थी उसे पुराने स्वरूप में लाने की कवायद शुरू हो गई है। जन अभियान के दूसरे चरण का पौधरोपरण के साथ आगाज हुआ। पद्मश्री संत बाबा लक्खा सिंह, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान एवं निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने वैशली नदी पर 6 फीट लंबे पेड़ और पौधे रोपकर अभियान का सोमवार को शुभारंभ किया।   विगत आठ महीने पूर्व संतों के सानिध्य में शुरू किए गए अभियान की जानकारी कलेक्टर और निगमायुक्त को देकर किए गए कार्यों से अवगत कराया। साथ ही नदी और पर्यावरण सरंक्षण के लिए सात सूत्रीय पत्र सौंप कर दूसरे चरण में प्रशासनिक सहयोग का आग्रह किया।

इस दौरान कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि मुरार नदी के जीर्णोद्धार के लिए जनभागीदारी से चलाए जाने वाला अभियान अनुकरणीय और प्रशंसनीय है।

नदी को पुराने स्वरूप में लाने के लिए बरसात से पूर्व नदी के कैचेमेंट एरिया से अतिक्रमण को हटाया जाएगा। निगम अधिकारियों की एक टीम को साबरमती और कोटा में नदी के क्षेत्र में किए गए कार्यों को जानने और समझने के लिए भेजा जाएगा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर बैशली नदी के मूल स्वरूप को लौटाने के साथ ही इसकी सुंदरता बढ़ाने के लिए डीपीआर तैयार कराई जाएगी। मुरार नदी को ग्वालियर की आदर्श नदी बनाया जाएगा। साथ ऑक्सीजन जोन विकसित किया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी मंशा है कि जल संवर्धन अभियान के तहत ऐसी संरचनाओं को पुनर्जीवित किया जाए। इसी उद्देश्य ये मुरार नदी को नया रूप प्रदान करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इससे नदी स्वच्छ स्वरूप में नजर आएगी।इसके लिए पद्मश्री संत लक्खा सिंह के सहयोग से पौधरोपण किया जा रहा है।

संत लक्खा सिंह ने कहा कि वैशली नदी पर चलाया जा रहा पौधरोपण अभियान आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्थक अभियान है। इससे समाज के हर वर्ग को जुड़कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए।  इस मौके पर पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. केशव पाण्डेय, पार्षद श्री बृजेश श्रीवास एवं सर्वश्री प्रशांत पाठक, राजेंद्र मुदगल, राजकुमार दुबे, विजय पाण्डेय, मोहन बाथम, भूपेंद्र बघेल, एचडी ओझा, नीतेश भदौरिया एवं अजय गुप्ता ने पौधरोपण कर अपनी भागीदारी निभाई।

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“शक्ति दीदी” के रूप में पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर का काम कर रहीं महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तो बनी ही हैं, उनका आत्म बल व आत्म सम्मान भी बढ़ गया है। यह कहना है काल्पीब्रिज के समीप स्थित गणेश पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं शक्ति दीदी श्रीमती लता राजौरिया का। लता जैसी जिले की 35 जरूरतमंद महिलायें शक्ति दीदी के रूप में ग्वालियर शहर, डबरा व भितरवार स्थित पेट्रोल पंपों पर सफलतापूर्वक फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप ग्वालियर जिले में जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “शक्ति दीदी” योजना शुरू की है। जिसके तहत ऐसी महिलाओं को शक्ति दीदी बनाकर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी दिलाई जा रही है जो जरूरतमंद हैं, अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। शक्ति दीदी के रूप में पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं महिलायें कहती हैं कि अब हमें छोटी-मोटी जरूरतों के लिये किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते। हमें सरकार की लाड़ली बहना योजना व नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम का लाभ भी मिल रहा है। इससे हमारे परिवार के दिन अब अच्छे से गुजर रहे हैं। महिलाओं को फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में काम करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का इनका ड्यूटी टाइम निर्धारित कराया गया है। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं उन पर पुलिस द्वारा लगातार गश्त किया जाता है। साथ ही एक वॉट्सएप ग्रुप भी तैयार कराया गया है, जिस पर शक्ति दीदियों के साथ-साथ संबंधित पुलिस थाना, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं पेट्रोल पंपों के संचालकों के नाम जुड़े हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी भी शक्ति दीदियों का हालचाल जानने नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर पहुँचते हैं। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं, वहाँ सकारात्मक माहौल बना है। पेट्रोल पंप संचालक कहते हैं कि छोटी-मोटी बातों को लेकर उपभोक्ताओं के साथ आए दिन होने वाला मुँहवाद अब नहीं होता। शक्ति दीदियों को मासिक मानदेय के रूप में 8 हजार रूपए मिलते हैं। साथ ही कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा तेल की बिक्री पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। इससे सभी शक्ति दीदी मन लगाकर काम करती हैं। लता व कुसुमा कहती हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने हम सब लोगों को आर्थिक व मानसिक रूप से सशक्त बना दिया है।

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