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प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1551 करोड़ 89 लाख रूपए की राशि की गई अंतरित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और नारी कल्याण के लिए संकल्पित है। भगवान श्रीराम की संस्कृति को मानते हुए सरकार अपने सभी वचन (संकल्प) पूर्ण कर रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के दो साल पूरे हो गये है। गुरूवार को प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को योजना की 24वीं किश्त जारी की गई है। हर महीने बहनों को 1250 रुपए राशि भेजकर हर माह रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश में नारियों के सम्मान की परम्परा अनादि काल से है। हमने जो वादा बहनों से किया था उसे लगातार निभा रहें है। हम भगवान श्रीराम की संस्कृति को मानने वाले हैं जो वचन देते हैं उसे प्राण देकर भी निभाते हैं। लाड़ली बहना को सम्मान देकर पूरा प्रदेश गौरवान्वित होता है। प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है। सरकार के द्वार बहनों के लिए सदैव खुले हैं। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के खातों में पैसे पहुंचते हैं तो घर में लक्ष्मी बनी रहती है। भारत में पारिवारिक संस्कृति ऐसी है कि एक मां अपने हिस्से का भोजन बेटे को कराकर खुश होती है। भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जहां भारत भूमि की पूजा मां के रूप में की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को सीधी में विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरण के साथ विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1551 करोड़ 89 लाख रूपए की राशि का अंतरण किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 56 लाख 83 हजार हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की गई। साथ ही 26 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 30 करोड़ 83 लाख रूपए राशि का ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर सीधी जिले में 112 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सीधी क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

बहनों के साथ किसान भाइयों के बैंक खातों में भी भेजी जा रही राशि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक माह बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना, किफायती दरों पर एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने के लिए सहायता राशि अंतरित कर रही है। इसी के साथ किसानों को प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश की बहनों के साथ-साथ किसान भाइयों के बैंक खातों में भी पैसे भेजे जा रहे हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए इस वित्तीय वर्ष में 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2047 तक 22 लाख 50 हजार रुपए करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों से हमने 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ खरीदा है। वर्ष 2003 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 11200 रूपये थी जो आज 1 लाख 52 हजार रूपये हो गई है।

विंध्य, सेना का नेतृत्व करने वाला क्षेत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र सेना का नेतृत्व करने वाला क्षेत्र है। थलसेना एवं नौसेना की कमान यहां से निकले 2 शीर्ष अफसरों के पास रहना गर्व का विषय है। भारतीय सैन्य बलों ने पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत ने पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की हत्या का षडयंत्र रचने वाले आतंकियों का खात्मा कर 4 दिन पहले सीमा पर दिवाली मनाई। आतंकियों में भारतीय सेना का सामना करने का दम नहीं है। सेना ने पराक्रम से ऑपरेशन सिंदूर चलाकर दुनिया को सिंदूर का महत्व बताया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान अब दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। भारत अब एक नए दौर में है। भारतीय सेना के शौर्य से पूरा देश गौरवान्वित है। उल्लास के वातावरण में अलग-अलग शहरों में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं।

समारोह में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विन्ध्य से गहरा नाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोकसभा की सभी सीटों पर हमने जीत हासिल की। विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी विधानसभा क्षेत्र को 112 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों की सौगात देकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इससे सीधी का चौमुखी विकास होगा।

सीधी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परम्परागत आदिवासी शैला एवं करमा लोक नृत्य से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्वयं लड्डू खरीदकर टेस्ट किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में मैरिट सूची मे आने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया।

समारोह में प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा सीधी जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, विधायक सिहावल श्री विश्वामित्र पाठक, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा, पूर्व विधायक चुरहट श्री शरदेन्दु तिवारी, श्री देव कुमार सिंह चौहान, सदस्य श्री राजेश पाण्डेय, श्री के.के. पाण्डेय, श्री सुभाष सिंह, श्री इन्द्रशरण सिंह तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और हजारों नागरिक उपस्थित रहें।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार महाविद्यालयों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए। इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। युवाओं में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर संभाग में सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता कराएं। इससे हमारे युवा देश-दुनिया में हो रहे नवाचारों और नई जानकारियों से अवगत होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग कराई जाए और तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में पुरस्कृत करने की परम्परा भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। रोजगारपरक शिक्षा और शोध कार्यों को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परम्पराओं पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में शोध केंद्र स्थापित कर शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए महाविद्यालय खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, अधिकाधिक महाविद्यालय खोले जाएं। इससे जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को निकट स्थान पर उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में वर्ष 2021-22 में हुए अखिल भारतीय सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) अखिल भारतीय औसत से अधिक आया है। इस क्षेत्र में अखिल भारतीय सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश 28.9 प्रतिशत आया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के 1282 गोद लिए गए गाँवों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को जनजागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जारी वित्त वर्ष में 100 नए शोध केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश के 27 महाविद्यालयों को स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा एवं 8 स्वशासी महाविद्यालयों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही 23 जिला मुख्यालयों में नए विधि महाविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य भी तय किया गया है। अधिकाधिक महाविद्यालयों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रूचि बढ़ेगी। इस तरह का नवाचार करने के मामले में मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित हुए सभी महाविद्यालयों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं, इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दो शिफ्ट में कॉलेज लगाने के निर्देश, सेमेस्टर सिस्टम भी जारी रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को महाविद्यालयों में दो शिफ्ट में अध्यापन कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ रही है। शासकीय विश्वविद्यालयों में म.प्र. लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री उत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं। विकसित मध्यप्रदेश@2047 बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हम विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की ओर अग्रसर हैं। राज्य सरकार द्वारा युवाओं में उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने साम्यता एवं पहुंच, शोध एवं नवाचार, उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, संस्थाओं एवं शिक्षण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के मानक बिंदु तय कर लिए हैं। हम तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेजी से अग्रसर हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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